Thursday, June 6, 2013

Naved R Khanposted toश्रीकांत तिवारी

अरे भईया ! ओह !....... Sir you maid my evening. इस ज़िन्दगी में इन शब्दों में इस तरह से प्राप्त यह प्रेम मेरे अब तक के जीवन का पहला अनुभव है, आंसू और मुस्कान जैसे शब्द एक साथ साक्षात मूर्तिमान लग रहे हैं ! नवेद भैया; आपसे प्राप्त यह मेरा अनमोल पुरस्कार मैं ताजिंदगी संभालकर रखूँगा! शुक्रिया! और लाखों सलाम!
08/08/2013