Wednesday, March 20, 2013

आज बुढऊ कहलएँ :

आज बुढऊ कहलएँ :

>>'पद' : माने = "चिन्ह" बनावै लागी!
>>'पैर' : माने = "जूता" नापई लागी।
>>'पाँव' : = (मतलब "गोड़") : = माने धूर (धूल) माटी में सनाइवै लागी; ताकि दूरे से परनाम कईर लेवल जाय, जेकर से उ मईला हमन के नई लागे!
दुरेहें से बोल्हन : 'पाँव लागी बाबा!', 'गोड़
लागी मालिक!'
>>'लात' : = अब एकर माने-मतलब त सभई कोई जनयं लन! _अर्रे! चाहे खावय ला, चाहे खिलावै ला!
>>'चरण' : = सिरिफ परनाम करय लागी!

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_श्री .

रावण को जिंदगी

उसे नहीं मालूम उसने मेरा कितना भारी नुकसान किया है! उसने मेरी श्रद्धा को लात तो मारी ही, साथ-ही-साथ उसने मेरी हंसी-ख़ुशी-उत्साह-उल्लास-उत्कर्ष पर जो घातक वार किया है, उसका खामियाजा उसे उपरवाले के दरबार में अवश्य ही भुगतना पड़ेगा! जब-जब किसी मित्र का पैगाम आता है, खुश होने बदले मैं रोने लगता हूँ, ये, _ये ज़ुल्म किया है उसने मेरे साथ, कि अब मैं अपने मित्रों तक से दूर, बहुत दूर हो गया हूँ कि अब मैं उनके सवालों के जबाब तक नहीं दे पाता! हम जिस प्रत्याशा से मित्र बने उस उम्मीद और उन सपनों का बड़ी बेरहमी से क़त्ल कर दिया उसने! आप खुद सोचिये कि जब सारे मित्र, जिन्हें उस पर अभी भी पूरा अकीदा है, मिलकर उसकी स्तुति गायेंगे, तब मेरी क्या दशा होगी? ये भी सोचिये कि अपनी इस क्रूरता से उसने उन लोगों को मेरी खिल्ली उड़ाने, और घमंड में फूलकर कहकहे लगाने का अवसर दिया है, जो शायद इस एक्सीडेंट के पीछे हैं, _शैतान! उसने शैतानो के हाथ मजबूत किये हैं, जो इसी दिन की ताक में थे! संभव था कि कुछ और वक़्त बिताने के बाद सभी गिले-शिकवे दूर हो जाते, और निर्मल दोस्ती की एक खूबसूरत दुनिया के हम बासिन्दे होते, लेकिन उसने इन सभी संभावनाओं, और सपनों को पूरी निर्दयिता के साथ उसने कुचल दिया! वह मंच जो पवित्र है, पावन है जो उसी के नाम के साथ उसी को समर्पित हैं, जिस मंच का नाम ही FANS of  ... है, उसपर किस मुँह से और कैसे बना रह सकता हूँ! ...और आप देखते जाइए कैसे ये खेल और रंग दिखाता है, और क्या-क्या 'बन्दर के गुलाटी' जैसे खेल पेश करता है, जिस खेल के खिलाड़ी और दर्शक दोनों होंगे, अपने ही खेल पर ताली पीटेंगे और घमंड में अट्टहास कर रावण को जिंदगी देंगे!! ...जो मेरे ख़याल से शुरू हो भी चूका है!

मैंने एक मंच छोड़ा है, दुनिया नहीं! हम अपने घर में किसी की भी कल्पना से कहीं ज्यादा खुश हैं!



रोते-रोते हँसना सीखो

रोते-रोते हँसना सीखो,
हँसते-हँसते ...रोना ...
रोते-रोते हँसना सीखो,
हँसते-हँसते ...रोना ...
जितनी चाबी भरी राम ने,
उतना चले ...खिलौना
रोते-रोते हँसना सीखो,
हँसते-हँसते ...रोना ...
जितनी चाबी भरी राम ने,
अरे, उतना चले ...खिलौना
रोते-रोते हँसना सीखो,
हँसते-हँसते ...रोना ...

हम दो, एक हमारी प्यारी-प्यारी मुनिया है
बस यही छोटी सी, अपनी सारी दुनिया ...है 
हम दो, एक हमारी प्यारी-प्यारी मुनिया है
बस यही छोटी सी, अपनी सारी दुनिया ...है 
खुशियों से आबाद है,
अपने घर का कोना-कोना
रोते-रोते हँसना सीखो,
हँसते-हँसते ...रोना ...
जितनी चाबी भरी राम ने,
अरे, उतना चले ...खिलौना
रोते-रोते हँसना सीखो,
हँसते-हँसते ...रोना ...

बड़ी-बड़ी खुशियाँ है छोटी-छोटी बातों में,
बड़ी-बड़ी खुशियाँ है छोटी-छोटी बातों में,
नन्हे-मुन्ने तारे जैसे लम्बी रातों में,
बड़ी-बड़ी खुशियाँ है छोटी-छोटी बातों में,
ऐसा सुंदर है ये जीवन,
जैसे कोई सपन-सलोना
रोते-रोते हँसना सीखो,
हँसते-हँसते ...रोना ...
जितनी चाबी भरी राम ने,
अरे, उतना चले ...खिलौना
रोते-रोते हँसना सीखो,
हँसते-हँसते ...रोना ...
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 _बाबूजी!

रोना! कभी नहीं रोना,

रोना! कभी नहीं रोना,
चाहे टूट जाये कोई खिलौना,
खिलौना ...
सोना! चुपके से सोना,
चाहे टूट जाए सपना सलोना,
सलोना ...
लल्ला ला, लाल...लाला लल्ला
ला ल लल लल्ला ला...ल ल लल्ला
रुरु, रु ...
लल्ला

दुःख-सुख की क्या बात है!
क्या दिन है, क्या रात है ...
आंसू भी मुस्कान बनें,
ये तो अपने हाथ है
आशाओं की डोरी में सदा,
तुम मन के फूल पिरोना ...
रोना! कभी नहीं रोना,
चाहे टूट जाये कोई खिलौना,
खिलौना ... 
लल्ला ला, लाल...लाला लल्ला
ला ल लल लल्ला ला...ल ल लल्ला
रुरु, रु ...
लल्ला

देखो बच्चों बाग़ में, 
सब कलियाँ नहीं खिलतीं,
दुनिया में इंसान को
सब चीजें नहीं मिलतीं
जो अपना नहीं,
तुम उसके लिए
जो अपना है नहीं खोना '
रोना! कभी नहीं रोना,
चाहे टूट जाये कोई खिलौना,
खिलौना ... 
लल्ला ला, लाल...लाला लल्ला
ला ल लल लल्ला ला...ल ल लल्ला
रुरु, रु ...
लल्ला
ललो लल लल्ला लल्ला लल लल लाआआ ...हा हा हा

रंग से और ना घाम से,
जात से और ना नाम से,
इज्ज़त मिलती है यहाँ
देखो अच्छे काम से
कोई काम बुरा तुम मत करना
बदनाम कभी नहीं होना ...
रोना! कभी नहीं रोना,
बाबूजी नहीं रोना, पापा नहीं रोना, मामा नहीं रोना, भईया नहीं रोना 
चाहे टूट जाये कोई खिलौना,
खिलौना ...
सोना! चुपके से सोना,
चाहे टूट जाए सपना सलोना,
सलोना ...
लल्ला ला, लाल...लाला लल्ला
ला ल लल लल्ला ला...ल ल लल्ला
रुरु, रु ...
लल्ला
http://www.youtube.com/watch?v=ftaLMkq13oA
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 मेरे बच्चे