Monday, May 14, 2012

कौन है सन्नी लिओन??

लोहरदगा,          दोपहर 02:20PM            14,मई`2012
 सत्यमेव जयते की टीम और आमिर खान के नाम खुला पत्र :
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कामुकता, काम-वासना को एक लाईलाज बिमारी की तरह समाज में फैलाने के लिए भारतीय फिल्म उद्योग
कितना जिम्मेवार है? "इंसानी फितरत" तो जन्म से ही भ्रष्ट है, उसे और पतन के गर्त में धकेलना फिल्मोद्योग के लिए क्या जरुरी है? बॉलीवुड की जिम्मेवारी मनोरंजन मात्र है क्या? समाज और देश के प्रति
अब इनकी जबाबदेही ख़त्म हो गई?

क्यों सन्नी लिओन [SUNNY LEONE] जैसी पोर्नस्टार को 'महेश भट्ट' ने अपनी आगामी फिल्म जिस्म-2 में चांस दिया!? ...जब सुघड़ विशुद्ध भारतीय अभिनेत्रियाँ "DIRTY PICTURE" जैसी फिल्मों में पहले से उपलब्ध हैं!?

सन्नी लिओन [SUNNY LEONE] को भारतीय नागरिकता भी मिल गयी है! इन्टरनेट पर सन्नी लिओन [SUNNY LEONE] के अनेकानेक अशलील फोटो और विडियो भरे पड़े हैं। महेश भट्ट सन्नी लिओन [SUNNY LEONE] को हिंदी फिल्मोद्योग में शामिल कर के क्या साबित करना चाहते हैं!? महेश भट्ट जैसे लोग काम-वासना जैसी संवेदनशील विषय के लिए कुख्यात हैं। इन्हें भारतीय समाज की भलाई-बुराई से कुछ लेना-देना नहीं, इन्हें बस अपना प्रोडक्ट बेचना है। इंसानी फितरत को आसानी से लालच देकर लुभाया जा सकता है। यह बात भट्ट साहब और उनका परिवार अच्छी तरह समझते हैं। {मिडिया में आये समाचार के मुताबिक महेश भट्ट वो आदमी है जो मशहूर अभिनेत्री स्व. परवीन बाबी की ज़िन्दगी से खेला, महेश भट्ट का बेटा विक्रम भट्ट, अमीषा पटेल की तबाही का जिम्मेवार है।} इन्होने लुभावने सपनों की झूठी दुनिया में ले जा कर इन अभिनेत्रिओं का यौन शोषण किया, और फिर धक्का दे दिया। इन्ही लोंगों ने अबकी बार साक्षात् एक वैश्या को अपना चारा बनाया है, ...दर्शकों का शिकार करने के लिए!! 

क्या महेश भट्ट और उनकी टीम ये जिम्मेदारी लेने को तैयार है कि पोर्नस्टार के साथ हिंदी फिल्म
बनाने से बदचलनी नहीं बढ़ेगी? क्या गारंटी है कि सन्नी लिओन के लटके-झटके देख कर संवेदनशील व्यक्ति वो ही दुराचरण नहीं अपनाएगा? क्या गारंटी है कि पब्लिक अपने सेक्स पार्टनर से वैसे ही आचरण अपनाने को बाध्य नहीं करेगा? क्या गारंटी है कि वसे दुराचरण न अपनाने से सेक्सुअल हिंसा में बढ़ोतरी नहीं होगी? महेश भट्ट समर्थ हैं तो जो गन्दगी चाहें दर्शकों पर थोप देंगे? क्या गारंटी है कि सन्नी लिओन की फिल्म से प्रेरित होकर समाज में CHILD MOLESTERS पैदा नहीं होंगे? सन्नी लिओन को चांस देने के लिए क्या उन्होंने दर्शकों से पूछा था? महेश भट्ट एक सौदागर हैं, उनकी वस्तुएं खरीदने के लिए हम बाध्य नहीं हैं; लेकिन क्या सारा हिन्दुस्तान आँख पर पट्टी लपेटे हुए रहेगा? हिन्दुस्तान का बहुसंख्यक समाज गली-कुचों और झौंपड़पट्टे में जीता है, उनके चरित्र के पतन की जिम्मेदारी क्या महेश भट्ट लेंगे? 

नहीं! 

वो बस सन्नी लिओन के साथ ऐश में लिप्त रहेंगे! चाहे देशवासी भाँड मै जायँ!!

यहाँ एक बात काबिलेगौर है कि सन्नी लिओन स्वेच्छा से पोर्नस्टार है, न कि किसी मज़बूरी से! Wikipedia, और google पर सर्च कीजिये सन्नी लिओन की ज़िन्दगी की कहानी कोई छिपी बात नहीं, बिलकुल साधारण है। बिना किसी मजबूरी के सन्नी लिओन ने वैश्यावृति को अपना पेशा चुना है। ऐसी औरतें किस बात की मिसाल बनेंगी? सेंसर बोर्ड किस नैतिकता से भट्ट साहब की सन्नी लिओन स्टारर फिल्म को हरी झंडी देगा?

महेश भट्ट नाहक कोशिश कर रहे हैं! सन्नी लिओन की अदाएं देखने के लिए महेश भट्ट की फिल्म देखना
ज़रूरी नहीं! इन्टरनेट पर प्रयाप्त मसाला सहज ही उपलब्ध है। सन्नी लिओन कोई विशुद्ध भारतीय नारी का रोल तो करने से रही, वह न महेश भट्ट का खिलौना बनकर रहेगी न उनके काबू में रहेगी। सन्नी लिओन जैसी स्वछन्द और उछ्रिंखल औरतें जो कपडे की तरह मर्द बदलती रहती है, जो NYMPHOMANIYAC है,
उससे किस प्रकार के समाज की अपेक्षा है भट्ट साहब को!? वो क्या समझते हैं ये वैश्या भारतीय नारी का
श्रृंगार बनेगी!? उसके WEBSITE को सर्च कीजिये, वो रोज़ खुद ही अपनी घृणित, गन्दी विडियो बनाकर इन्टरनेट पर UPLOAD कर रही है! ये अरबपति रईस वैश्या हमारे देश में मौज-मस्ती कर रही है!

NYMPHOMANIYAC : Hypersexuality is extremely frequent or suddenly increased sexual urges or sexual activity

आम आदमी ये छल-कपट नहीं जानता। वो बस लुटता-पिटता है।

लानत है महेश भट्ट और "बिग बॉस" जैसे कार्यक्रम निर्माताओं पर!

सेक्सुअल उत्तेजना शीघ्र शांत न हो तो इंसान हिंसक हो कर कुकर्म के लिए बाध्य हो सकता है! वो बच्चों, नाबालिग बालक-बालिकाओं को अपनी हवस का शिकार बना सकता है! यूँ "बाल यौन
शोषण"[CHILD SEX ABUSE] की और अन्य सेक्स जनित अपराधों की बुनियाद पड़ती है!

इस सन्दर्भ में प्रभात खबर पर 16,मई`2012 को छपे टूटते परिवार में शीर्षक "पोर्नोग्राफी कोंसामाजिक मंजूरी दिलने की कोशीशें" के अन्तर्गत वयक्त चिन्ता से में पुरी तरह इत्तेफ़ाक रखता हूं। 

मैं सन्नी लिओन को हिंदी/भारतीय फिल्मोद्योग में शामिल होने का पुरजोर विरोध करता हूँ। और मांग करता हूँ कि आप अपने मंच से ये आवाज़ बुलंद करें।

- श्रीकांत तिवारी

"सत्यमेव जयते" का दूसरा एपिसोड: [CHILD SEX ABUSE]

आमिर द्वारा प्रस्तुत "सत्यमेव जयते" का दूसरा एपिसोड देखा। विषय-वस्तु के हिसाब से इस बार आमिर ने "बाल यौन शोषण" [CHILD SEX ABUSE] का मुद्दा उठाया। मेरे साथ मेरे 15 वर्षीय, छोटे बेटे अतुल (लड्डू) ने भी ये एपिसोड देखा। हालांकि आमिर ने पहले ही ये आग्रह किया था कि हम अगर न चाहें कि बच्चे संवेदनशील बातें देखें, क्योंकि एपिसोड की कुछ बातें हमें विचलित कर सकती है, तो हम बच्चों को दुसरे कमरे में भेज दें, लकिन मैंने अतुल को अपने पास कमरे में बैठे रहने देना मुनासिब समझा। आमिर "सत्यमेव जयते" के माध्यम से जो मुद्दे उठा रहे है वो संवेदनशील हैं, हमारे अपने कार्य-कलाप [CONDUCT] के बारे में हैं, इसलिए ये और भी आवश्यक है कि हम इसे पुरे परिवार के साथ देखें। ताकि हम सभी सामाजिक, व्यौहारिक बुराइयों से अच्छी तरह वाकिफ हो सकें।

"बाल यौन शोषण" [CHILD SEX ABUSE] के शिकार (victim) रहे लोगों के अनुभओं से हम सन्न रह गए! बच्चों के लिए "बाल यौन शोषण" [CHILD SEX ABUSE] का मतलब समझना जरुरी है ताकि वे चुप्पी तोड़ें। हमें अपने बच्चों को सिखाने समझाने के साथ-साथ उनपर भरोसा करना और उनकी बातों पर यकीन करना चाहिए।

बच्चों के साथ आमिर का WORKSHOP बहुत अच्छा था।

_श्रीकांत तिवारी