Saturday, October 9, 2010

०९ अक्टूबर २०१० - शारदीय नवरात्र - नव-दुर्गा माँ की पूजा की द्वितीया !

०९ अक्टूबर २०१० - शारदीय नवरात्र - नव-दुर्गा माँ की पूजा की द्वितीया !
#221
"_जय माँ दुर्गा पूजा समिति _ थाना टोली_" के पूजा पंडाल से वेद-मंत्रोचार की ध्वनि Loud -Speakers के माध्यम से वातावरण में प्रवाहित हो रही हैं ! वीणा ने अपनी सारी उम्मीदें माता भगवती भवानी से लगा रखीं हैं ! कितने ही वषों से ये इच्छा है हमारी _माता वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने का, ...लेकिन माता की अब तक आज्ञा नहीं हुई है, ...माँ अभी शायद हमारा और इम्तिहान लेगी, ...फिर शायद भाग्य जागें ! सब कुछ जैसे माँ से ज्यादा "-शायद-" पर ही निर्भर हो गया है !

ऐसी मान्यता है की नवरात्र के इसी पावन वातावरण में दुष्ट-राक्षसी-शैतानी-शक्तियां भी  खुद को बलवान करती हैं ! तंत्र-मन्त्र से तांत्रिक गतिविधियाँ भी इसी समय जोर पकड़ती हैं, शैतानी शक्तियों के उपासक कुण्डलिनी जगाने  के घोर कर्म-कांडों में लिप्त पाए जाते हैं जो मांस-मदिरा के सेवन और "बली" चढ़ाने से ले कर अध्-जले मुर्दे के मांस तक को खाने के जघन्य अमानवीय कृत्य को अंजाम देने में जुट जाते हैं !! इन दुष्ट शक्तियों की कुदृष्टि से अपने मासूम बच्चों को बचाने के लिए माताएं अपने बच्चों की नज़र उतरती हैं, ...बच्चों की आँखों, ललाट के किनारे और नाभि और पैरों के तलुओं में काजल टिक देती हैं ताकि उनके बच्चे सुरक्षित रहें !! सास अपनी बहुओं को घर की ड्योढ़ी से बाहर झाँकने से रोकती हैं "..कि कहीं किसी की नज़र न लग जाय...!"  


"भगवान् है तो शैतान भी है !" ...इस विषय पर तब से बहस जारी है जब से मनुष्य का समाज और उसकी मान्यताएं हैं ! ये एक ऐसा वृहद् विषय है जिस पर सदियों से बहस जारी है और अभी आगे भी ये बहस चलती ही रहने की संभावना है, जिसमे अपने कोई विचार कहने की स्तिथि में मैं नहीं हूँ, ...लेकिन दुनिया भर में अध्यात्म और विज्ञान के क्षेत्र के सबसे बड़े विद्वानों में बहस अभी भी जारी है ! ऐसा नहीं है की ये लोग एक सभागार में या किसी टेबल के गिर्द बैठ कर बहस कर रहे हों, बल्कि अपने तौर-तरीकों से और अपने काम से, अपनी गतिविधियों और कार्यकलापों से अपनी बात कहते ही रहते हैं. दुनिया भर के फिल्मकार इस विषय को सबसे पसंदीदा विषय मान कर इसपर लगातार, धडाधड फिल्म-पर-फिल्म बनाये जा रहे हैं, चाहे वो HOLLYWOOD हो या फिर हमारा BOLLYWOOD !! छोटा फिल्मकार हो या बड़ा हर कोई इस विषय पर अपनी फिल्मे बनाना पसंद करता है. इसके लिए जिम्मेदार कुछ हद तक हम दर्शक भी हैं ! बचपन से ही हमें कहानी सुनने का जो शौक लग गया होता है वो शौक हमारी उम्र के साथ बढ़ता ही जाता है !! फिल्मे काल्पनिक कहानी कहने का ही एक दूसरा ढंग है जिसमे कहानी के पात्र हमारी कल्पनाओं को सत्यापित करते से प्रतीत होते है !! यही बात हमें फिल्मे देखने को विवश करतीं हैं. ...उस पर से भूत-प्रेत का विषय  ! ...वो तो हमें बचपन से ही भाता रहा है ! अमिताभ बच्चन जैसे आधुनिक मान्यताओं वाले सुप्रसिद्ध अभिनेता ने  भी *"_अक्स_"*  फिल्म में प्रेत से ग्रसित पात्र का अभिनय किया...और उनकी वो क्रूर हंसी...!!! इसी फिल्म के एक गाने के अंश में अमित जी गाते हैं "...जब तक राम है रावण रहेगा !" अभी हाल ही में लता मंगेशकर जी -८१- [81]- वर्ष की हुईं, जन्मोत्सव पर एक INTEVIEW में उन्होंने हँसते हुए कहा कि अपने CAREER में सबसे ज्यादा गाने उन्होंने भूतों के गाए हैं !  इसीप्रकार धार्मिक फिल्मे भी सिर्फ भारत में ही बनती रहीं हैं, लेकिन मात्र बाज़ार पकड़ने के उद्देश्य से अब हिन्दू धर्म-ग्रंथों, पौराणिक कथाओं और पुराण की कहानियों पर ANIMATION फिल्मे HOLLYWOOD और BOLLYWOOD, सभी जगह बनने लगी हैं. हनुमानजी और भीम भाई अब कार्टून बन गए हैं जो अजीब-अजीब हरकतें करते दिखाए जा रहे है ! रामायण और महाभारत की ANIMATED फिल्म तैयार हैं ! लेकिन हरेक कहानी को एक खलनायक तो चाहिए-ही-चाहिए !!! ऐसा ही भाव HOLLYWOOD की COMIC CHARACTER पर आधारित फिल्म "_BATMAN the dark knights _" के खलनायक स्व. हीथ लेज़र फिल्म के हीरो -BATMAN- से कहते हैं कि ...मैं तुम्हें मारना नहीं चाहता, क्योंकि तुम्हारे बगैर मैं करूँगा क्या ? लेकिन जैसे ही तुम मुझे मार डालोगे ,एक हत्यारे जरूर बन जाओगे और यही मेरा मकसद है, तुम्हें भी अपने जैसा ही बुरा बनाना !" फिल्म के इस किरदार *"_JOKER _"* का यादगार पात्र खूबसूरती से निभाने के लिए HEATH LEDGER को (मरणोपरांत ही सही) उस साल के "OSCAR AWARD "-(Academy Award for Best Supporting Actor)- से सम्मानित किया गया.

उपन्यासकार भी इस विषय पर खूब लिखते रहे हैं ! Abraham "Bram" Stoker (8 November 1847 – 20 April 1912) was an Irish novelist and short story writer, best known today for his 1897 Gothic novel Dracula.
ब्राम स्टोकर की सन-१८९७ ई. में लिखी DRACULA की प्रसिद्धि एक इकलौता ऐसा उदाहरण है जिसके बाद और कुछ लिखना-कहना अतिश्योक्ति ही होगी. मुझे ये बात बहुत अचंभित करती है की "पाश्चात्य-जगत",-पच्छिम- (Europe /यूरोप, America) में भूत-प्रेत हमारे देश-[भारत]-से ज्यादा प्रासिद्ध हैं !! Hollywood में जितनी Horror फिल्मे बनती हैं या बन चुकी हैं, उसके मुकाबले हमारे यहाँ तो समझिये नहीं के बराबर Horror फिल्मे बनती हैं !

पिछले साल २००९ में अपने बेटे प्रीतीश के इंजीनियरिंग में admission / नामांकन  के लिए संपन्न होने वाले कोउन्सेल्लिंग (-counselling -) में मैं कोलकाता उसके साथ गया था, वहीँ रेलवे स्टेशन पर व्हीलर्स-शॉप से जिम्मी (प्रीतीश) ने डैन ब्राउन (DAN BROWN) का लिखा उपन्यास "_ANGELS & DEMONS _" खरीद कर मुझे दिया की मैं इसे जरुर पढूं ! इस उपन्यास पर फिल्म बन चुकी है. मैंने अनिच्छा से उपन्यास पढना शुरू किया, लेकिन सच मानिये मैं इन लेखक महोदय की लेखनी औए उनके research और ज्ञान का कायल हो गया, ऐसी रचना बगैर वृहद् research के असंभव है ! इन्हीं लेखक महोदय की लिखी "_The Da Vinci Code_"-बेस्टसेलर- उपन्यास रही और खूब लोकप्रिय हुई, जिस पर पहले ही फिल्म बन चुकी है, इसी फिल्म के नायक -Tom Hanks- को फिर उसी पात्र Professor Robert Langdon के रूप में "_ANGELS & DEMONS _" में फिर पेश किया गया. "_ANGELS & DEMONS _" की कहानी ने मुझे इतना व्यग्र कर दिया की क्या बताऊँ !! ...इस पर आधारित फिल्म को देखने की लालसा ने मुझे बेचैन-सा कर दिया था, आखिरकार कुछ महीने पहले रांची के एक DVD स्टोर्स में से ले कर ये फिल्म मैंने देखी. इस फिल्म की कहानी ठीक वो ही है जिस पर आज मैंने ये पृष्ठ लिखना शुरू किया है... "_शैतान-Vs-भगवान्-" !! ...लेकिन भूत-प्रेत कतई नहीं !! न ! "_पदार्थ-Vs-प्रतिपदार्थ_" ("_Matter -Vs -Antimatter _") ...विशुद्ध विज्ञान !! ...आध्यात्म-Vs-विज्ञान !! ये है फिल्म का विषय ! ये फिल्म, HORROR फिल्म कतई नहीं है लेकिन जो कुछ भी है एक thriller के रूप में लाजबाब है !

नवरात्र ! एक तरफ माँ की उपासना तो दूसरी तरफ शैतान की जाग्रति !...एक ही साथ !! ...एक ही वक़्त !!!  ...जंग जारी है...! जो दशहरा के दिन -[शायद ]- अपने अंजाम पर पहुंचेगा ! ...हमारा सब कुछ मान्यताओं पर ही तो निर्भर है !! रीति-रिवाज सबकुछ !! ...मान्यताओं के अनुसार ही तो क़ि -*"इसी दिन"*- श्रीरामजी ने रावण का वध किया था ! ..इसी दिन माँ ने महिषासुर की गर्दन काटी थी !! ..वो सर्व-शक्तिमान इश्वर जिसने कभी राम कभी कृष्ण और कभी उनकी सर्वे-शक्तिस्वरूपा माँ दुर्गा का अवतार ले कर  गौ, धरती , मनुष्यों और देवताओं के शोक हरतीं हैं !!! वो ही हमारी भी रक्षा करें ...ये ही प्रार्थना है .

-कहते हैं न क़ि विश्वाश रखिये !! अत:
"_HAVE FAITH !!!"

माँ दुर्गा सबकी रक्षा करें !
श्रीकन्त तिवारी